बघौला गांव में श्रीमद भागवत सप्ताह कथा शुरू

Shrimad Bhagwat Saptah Katha

Shrimad Bhagwat Saptah Katha

पूरे गांव में गाजे बाजे के साथ निकाली गई कलश यात्रा

_बघौला गांव में भक्ति का माहौल

 _यात्रा के दौरान भजन कीर्तन से पूरा माहौल भक्तिमय हो गया

पलवल। दयाराम वशिष्ठ: Shrimad Bhagwat Saptah Katha: जिला के गांव बघौला के श्री लक्ष्मी नारायण मंदिर में शनिवार को भव्य कलश यात्रा निकालकर श्रीमद भागवत सप्ताह ज्ञान यज्ञ की शुरुआत की गई। इस अवसर पर गांव की महिलाओं ने कलश सिर पर रखकर भजन-कीर्तन करते हुए पूरे गांव की परिक्रमा लगाई। धार्मिक आस्था और भक्ति से भरे इस कार्यक्रम की शुरुआत ने ग्रामीणों में उत्साह और श्रद्धा का संचार किया।

कलश यात्रा की शुरुआत श्री लक्ष्मी नारायण मंदिर से शुरू हुई।जो जनौली रोड व राष्ट्रीय राजमार्ग  होते पूरे गांव की परिक्रमा करते हुए कथा स्थल तक पहुंची। यात्रा में कथा व्यास श्री महेश माधव शास्त्री के साथ आचार्य सहित गांव के काफी संख्या में भक्त मौजूद रहे। परीक्षित के रूप में श्री कृष्ण वशिष्ठ मौजूद  रहे। मंदिर में एक फरवरी को प्राण प्रतिष्ठा के साथ मूर्ति स्थापना की जाएगी। इसे लेकर पूरा माहौल भक्तिमय रहा। महिलाओं ने आस्था के साथ कलशों को अपने सिर पर उठाया, जो इस धार्मिक समारोह का मुख्य आकर्षण था। कथा व्यास श्री महेश माधव शास्त्री ने श्रीमद भागवत कथा के महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा, "भागवत कथा जीवन में सकारात्मकता और भक्ति का संचार करती है। इसे सुनने से हमें आध्यात्मिक ज्ञान मिलता है और जीवन के मूल्यों को समझने का अवसर मिलता है।" भागवत कथा की शुरुआत धुंधकारी बने करण कथा से हुई है। यह कथा भाई गोकर्ण द्वारा अपने पापी भाई धुंधकारी को प्रेत योनि से मुक्ति दिलाने के लिए श्रीमद्भागवत कथा का आयोजन करने के बारे में है। कथा के श्रवण मात्र से धुंधकारी को मोक्ष मिला। आयोजकों ने भक्तों से आग्रह किया है कि वे नियमित रूप से कथा श्रवण कर कथा का लाभ उठाएं।